विभाजन विभीषिका दिन पर पिंपरी-चिंचवड़ में भाजपा का मौन मार्च; सिंधी समाज की उत्स्फूर्त भागीदारी
पिंपरी-चिंचवड़, 15 अगस्त। भारतीय जनता पार्टी महाराष्ट्र प्रदेश के निर्देशानुसार 14 अगस्त को ‘विभाजन विभीषिका दिवस’ के अवसर पर पिंपरी-चिंचवड़ शहर भाजपा की ओर से भव्य मौन मार्च निकाला गया। इस मार्च में सिंधी समाज सहित हिंदू समाज के नागरिकों ने बड़ी संख्या में सहभागिता दर्ज कराई।
पिंपरी के डिलक्स चौक से शुरू हुआ मौन मार्च शगुन चौक और साई चौक होते हुए बी. टी. अडवाणी धर्मशाला पहुंचा, जहां इसका समापन हुआ। इस दौरान भारत विभाजन के समय विस्थापन, अमानवीय यातनाओं और संघर्ष का सामना करने वाले देशवासियों की स्मृतियों को श्रद्धापूर्वक याद किया गया।
मार्च में भाजपा शहराध्यक्ष शत्रुघ्न काटे, विधायक महेश लांडगे, विधायक अमित गोरखे, पूर्व विधायक अश्विनीताई जगताप, हर घर तिरंगा अभियान के प्रदेश सह-संयोजक अनुप मोरे, जिला संयोजक मोरेश्वर शेडगे, प्राधिकरण के पूर्व अध्यक्ष सदाशिव खाडे, महासचिव मधुकर बच्चे, विकास डोळस, वैशाली खाडये, महिला मोर्चा अध्यक्ष सुजाता पलांडे, युवा मोर्चा अध्यक्ष दिनेश यादव, गुटनेता प्रशांत शितोळे, पूर्व महापौर नितीन काळजे, राहुल जाधव, स्थायी समिति की पूर्व सभापति उषाताई वाघेरे, पूर्व उपमहापौर प्रभाकर वाघेरे, नगरसेवक बाबा त्रिभुवन, सचिन तापकीर, प्रवक्ता राजू दुर्गे, अजित कुलथे सहित अनेक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
इसके अलावा मोहन राऊत, मंगेश धाडगे, शिवराज लांडगे, धरम वाघमारे, मनिष पंजाबी, कुणाल साठे, ऋषिकेश वाघेरे, गणेश ढाकणे, कैलास सानप, नंदू भोगले, सचिन राऊत, महेश मोटवानी, सुरेश हेमनानी, गोपाल केसवानी, हिरालाल रिझवानी, हेमंत राजस्थ, यशवंत भोसले, उषा वाघेरे, अनिता वाळुंजकर, विशाल वाळुंजकर, रवींद्र देशपांडे, बिभीषण चौधरी, संजय पटनी, आरती चोंधे, मदन गोयल, मामा मारणे, सुधीर कुदळे, ओमप्रकाश शर्मा, रवींद्र नांदूरकर, खंडूदेव कठारे, सत्यपाल गोयल, संतोष ओझा सहित बड़ी संख्या में नागरिक उपस्थित थे।
मार्च का संयोजन एडवोकेट नानिक पंजाबी, मनोहर जेठवानी, श्रीचंद नागरानी, ज्योतिका मलकानी और आतम प्रकाश मताई ने किया। सिंधी समाज के प्रतिष्ठित नागरिकों, व्यापारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया।
आयोजकों के अनुसार, विभाजन के दौरान हुए दर्द, विस्थापन और संघर्ष की स्मृतियों को जीवंत रखते हुए भावी पीढ़ी को इस इतिहास से परिचित कराना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य था।
