पिंपरी के सिंधी समाज की वर्षों पुरानी सनद की समस्या आखिरकार हुई दूर
पिंपरी : पिंपरी-चिंचवड़ के सिंधी समाज के लोगों की वर्षों से लंबित संपत्ति की सनद का प्रश्न अब आखिरकार मार्गी लग गया है। वर्ष 2014 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा सिंधी समाज की संपत्तियों की सनद उनके नाम पर किए जाने संबंधी निर्णय लिया गया था। इसके बाद महाराष्ट्र सरकार के मंत्रिमंडल ने भी इस प्रस्ताव को मंजूरी प्रदान की।
महाराष्ट्र के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने संबंधित संपत्तियों की आवश्यक जांच एवं प्रक्रिया पूर्ण कर सिंधी समाज के लोगों को सनद प्रदान करने के निर्देश दिए। इसके बाद पुणे के जिलाधिकारी डुड्डी साहब ने पिंपरी-चिंचवड़ के तहसीलदार देशमुख साहब को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए।
तहसीलदार देशमुख ने तत्काल मंडल अधिकारी अश्विनी गायकवाड़ को सिंधी समाज के नागरिकों की संपत्तियों का संपूर्ण विवरण दर्ज करने वाले आवेदन स्वीकार करने के निर्देश दिए। पिछले सप्ताह से आवेदन स्वीकार करने की प्रक्रिया शुरू की गई थी और अब संबंधित आवेदकों की सुनवाई भी शुरू कर दी गई है।
सनद की प्रक्रिया आगे बढ़ने से सिंधी समाज के नागरिकों में खुशी का माहौल है। वर्षों से लंबित इस समस्या का समाधान होने से उनकी संपत्तियां स्थायी रूप से उनके नाम पर होने का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
इस अवसर पर सिंधी समाज के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार तथा राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे का हृदय से आभार व्यक्त किया।
सुनवाई के दौरान सिंधी समाज के सामाजिक कार्यकर्ता धनराज आस्वानी, गोपीचंद आस्वानी, मनोहर जेठवानी, गुलाबचंद आस्वानी, प्रकाश लखवानी, सुधीर बजाज, जीतू ममतानी, राजू कटारिया, रिकी गोगिया, निक्की धोधानी सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित थे।
सिंधी समाज के नागरिकों ने उम्मीद जताई कि आगामी प्रक्रिया भी शीघ्र पूरी होगी और वर्षों से प्रतीक्षित सनद उनके नाम पर जारी की जाएगी।
